Tuesday, 28 February 2017



राणाउदयसिंह, पुण्य तिथि 28 फरवरी ।
जब कभी इस धरा पर मातृ शक्ति को नमन किया जायेगा तो सर्वप्रथम " पन्ना धाय" का नाम मन से लिया जायेगा । समग्र नारी शक्तियों के लिए "पन्ना धाय" माँ जगत अंम्बा से कम ना थी । यह वो वीरांगना थी जिसने अपने रक्त से सीचिंत, अपने गर्भ में 09 महीने पले, एवं अपनी छांती से दुध पिलाए पुत्र "चंदन" का बलिदान देकर ‘मेवाड़ का अभिशाप’ बने बनवीर से, मेवाड़ के भविष्य राणा उदयसिंह की प्राण रक्षा करते हुवे इन्हें सुरक्षित रूप में क़िले से निकालकर बाहर ले गयीं थीं ।
राजस्थान के #उदयपुर का आप भूतकाल से जो विकास देख रहे है, मेवाड की संस्कृति व धरोहर देख रहे है, चेतक पर सवारी करते हुए महाराणा प्रताप की मूर्ति एवं संग्राहलय में राणा की तलवार एवं अन्य सामग्री देख रहे है , वो महाराणा इन्ही उदयसिंह जी के पुत्र थे । उदय सिंह "राणा सांगा" के पुत्र थे । आज यानि 28 फरवरी को इन्ही उदय सिंह की पुण्य तिथी है । इतिहास के पन्नों में मेवाड का नाम आज भी जीवित है ओर तब तक जीवित रहेगा जब तक पृथ्वी पर जीवन रहेगा । आज मेवाड के वीर सपुत की पुण्य तिथी पर मै आप के साथ अपने मेवाड़ के राणा उदय सिंह को नमन करता हूँ ।
जय भारत